अभिन्न : Integral







मिथ्या तेरे सब बोल मधुर
सच्चा मेरा तीखा कटाक्ष
मलयानिल जैसी शीतल मैं
तेरा मन जलता वन पलाश

मैं मौन प्रणय का गुह्य गीत
तुम निर्झर के स्वर से कल कल
मैं धीर धरा सी लीकबद्ध
तुम मेघों सा उड़ते अविरल

निर्जन मन की निष्कम्प शिखा
उत्सव का दीप प्रकाशित तुम
मैं आम्रकुंज की कुहू कोकिल
सुर-ताल छंद परिभाषित तुम

में स्वतः स्फूर्त प्रकृति पूर्ण
तुम कठिन परिश्रम से अर्जित
मैं बंकिम भ्रू का अल्हड़ विलास
तुम पांडित्यपूर्ण चंदन चर्चित

यूँ भिन्न दिखाई देते हैं
सच में लेकिन है भिन्न नहीं
लगते जो उलट विरोधी हैं
रचते जीवन संगीत वही।

सृष्टि के नित संचालन के
सुंदर ये सारे  सृजन चिन्ह
लगते हैं अलग-अलग से पर
शिव-शक्ति से ये हैं अभिन्न।




मिथ्या- false
कटाक्ष- sarcasm

मौन प्रणय- tacit romance
गुह्य गीत - hidden song( as in, the lyrics of which are decipherable only to the worthy)
परिभाषित- defined by.

अविरल- always, continual
निष्कम्प - unwavering

स्वतः स्फूर्त- self ignited, sustainable.
बंकिम भ्रू  - arched brow
अल्हड़ विलास - unaffected careless charm
चर्चित- known to be, popular, apparent

सृजन चिन्ह- symbols of creation
शिव-शक्ति- Shiva and Parvati, Yin-Yang, Masculine - Feminine energy..

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